Wednesday, 24 April 2019

“एक गरीब भू-किसान को शराब माफियायों ने मार कर दफनाया फिर भी सारी व्यवस्था मौन क्यों - साकेत बिहारी शर्मा”

एक गरीब भू-किसान को शराब माफियायों ने मार कर दफनाया फिर भी सारी व्यवस्था मौन क्यों ?”

संकलन - साकेत बिहारी शर्मा
भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन – 25 अक्टूबर 2019
 

 

 

 

 

 

 

पिछले 17 अप्रैल से लापता ग्राम चंदा के निवासी अनिरुद्ध सिंह के कंकालनुमा शव के बरामदगी के साथ ही पुरे भोजपुर क्षेत्र में सनसनी का माहौल व्याप्त है | घटना के शिकार व्यक्ति एक गरीब भूमिहार किसान परिवार से आते हैं और पिछले एक सप्ताह से लापता थे, घटना को अंजाम तथाकथित शराब माफियायों के द्वारा दिया गया है जो ग्राम देव से सम्बन्ध रखते हैं | इन दोनों गाँवों के बीच में एक लम्बे समय से अदावत चल रही है और कुछ लोग इसे उसी की एक कड़ी के रूप में देख रहे हैं | 
 

करीब छ: महीने पहले सार्वजनिक भैंसे को बेचने से उत्पन्न विवाद ने भी इन दो गाँवों को आमने सामने ला दिया था जिसके बाद चंदा ग्राम के करीब आधा दर्जन लोगों को हरिजन एक्ट के तहत नामजद किया गया था जिसके विरोध में वहां के ग्रामीणों ने कुरमुरी गाँव के समीप सड़क को घंटों जाम रखा था |

यह ध्यान देने वाली बात है कि दोनों मामलों में घटना का राजनीतिकरण करने का प्रयास वर्तमान तरारी विधायक सुदामा प्रसाद (सी पी आई माले) के द्वारा किया गया | छ: महीने पहले की घटना में प्रशासन के बीच बचाव करने के बावजूद उक्त विधायक द्वारा एसपी पर दवाब बनाकर प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी थी |



गरीब भू-किसान के हत्या के मामले में भी प्रशासन सुस्त नजर आ रहा है और अभी तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है, यहाँ तक कि अनिरुद्ध सिंह के लापता होने की बात पर भी प्रशासन चुप रहा | लापता होने के बाद पीड़ित परिवार द्वारा लिखित रूप से संदिग्ध लोगों के बारे में शिकायत देने के बावजूद प्रशासन ने कोई भी प्रयास इस दिशा में नहीं किया और 24 अप्रैल को कंकाल की बरामदगी संदिग्ध व्यक्ति के घर के पास से ही की गयी | पुरे घटनाक्रम से प्रशासन की घटना में भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं |



कंकालनुमा शव के बरामदगी के बाद चंदा और देव के ग्रामीणों के बीच फायरिंग की बात भी सामने आ रही है व भीषण आगजनी भी हुयी है | चंदा के ग्रामीणों का कहना है कि आगजनी की घटना देव के ग्रामीणों द्वारा सुनियोजित तरीके से घटना पर से ध्यान हटाने के उद्देश्य से किया गया है | उल्टे वर्तमान विधायक व राजद नेताओं द्वारा आगजनी के मामले में निर्दोष किसानों को फंसाने का कुचक्र रचा जा रहा है |



सबसे दुखद पहलु यह है कि चंदा ग्रामवासियों की सूद लेने व दोषियों पर कार्यवाई के लिए अभी तक कोई राजनेता सामने नहीं आये हैं | ग्रामीणों के तरफ यह मांग है कि सिकरहटा थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित किया जाये व दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाये |



भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार पुरे दल बल के साथ कल ग्रामीणों के बीच जायेंगे व उनकी उचित मांगों के लिए जरुरत पड़ने पर सड़क पर उतरेंगे | संगठन की पूर्ण सहानुभूति संतप्त परिवार के साथ है व इस संकटकाल के समय समाज उनके साथ खड़ा है |

घटना के वीभत्स रूप से सरकार के सुशासन के दावों पर भी गंभीर सवाल उठते हैं जबकि केंद्र और राज्य में सत्तासिन पार्टियों को इसी समाज का एकमुश्त समर्थन मिलता रहा है | सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जंगलराज और मंगलराज में फर्क कहाँ है जब ऐसी घटनाओं की पुनरावृति हो रही है |
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