Tuesday, 4 August 2015

Migration from India




बात पीछे हठने की नहीं, बात है कि हम अब पारंपरागत तरीके से अपनी हालातों का मुकाबला नहीं कर सकते। अगर वसुधैव कुटुम्बकम की सनातन भावना हमारे यहाँ रही है तो अाज समूचा विश्व एक ही परिवार है। अौर पलायन तो सभी कालों में होता अाया है। हम अपने अस्तित्व को शायद तभी बचा पाएँ।

इतिहास गवाह है कि अार्य जाति, यहूदियों का अपने मूल भूमि से पलायन हुअा। अाज सरदारों की भारी जनसंख्या के कारण कनाडा को "मिनि पंजाब" कहा जाता है। नम्बूदरिपाद ब्राह्मण जो हमारे ही समानांतर हैं, उनका केरल अौर अासपास के इलाकों से विदेशों में भारी पलायन हुअा है। अाज उनके खंडहरी कोठियों में फिल्मों की शूटिंग होती है।

हमारी भी कमोवेश वही हालत है। हमारी शक्तियों का द्रुत गति से ह्रास हो रहा है।