मगध प्रमंडल में स्वातंत्र्य संघर्ष – भाग 1
(1857 के संघर्ष में मगध क्षेत्र के नायकों की भूमिका)
जेल
यातना हो या निर्दय दल, करे गोलियों की बौछार;
ईश्वर
का सुमिरन कर वीरों, सहते जाओ अत्याचार ||
इन्हीं नारों के साथ अपना सर्वस्व बलिदान करने
को आतुर भारत माता के लालों में
मगध
के धरती के अनेकानेक सपूतों का नाम शुमार होता है और वह भी 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही, जिसे आज की युवा पीढ़ी कहीं न
कहीं भूल चूका है| आइये इस लेख के माध्यम से कुछ बीते हुए इतिहास के पन्नों को
पलटते हैं और शुरुआत करते हैं »» जिला जहानाबाद के घोसी थाना
अंतर्गत पड़ने वाले गाँव लखाउर से «« :
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लखाउर आज यादव बाहुल्य गांवों में गिना जाता है जबकि यह 1857 की क्रांति के समय भेलौरिया परंपरा के भूमिहार ब्राह्मणों की बहुसंख्यक
आबादी वाला गाँव हुआ करता था | 1857 की क्रांति के समय पूरा लखाउर
गाँव बगावत पर उतर आया था और यहीं के थे बाल किशुन सिंह और मोती सिंह जो इसका नेतृत्व
कर रहे थे | बगावत को कुचलने के लिये नवंबर 1857 में एक
मजिस्ट्रेट को लखाउर भेजा गया जिसने रात के अँधेरे में गाँव पर अंधाधुंध फायरिंग खोल
दी | सैकड़ों लोग मारे गये व बीजा सिंह, पिता राम सहाय सिंह, ग्राम – मटउर; गौरी
सिंह, पिता श्री बैजू सिंह; फुलेल सिंह, पिता चौबा सिंह; कुंजी सिंह, पिता छतर
सिंह; झमन सिंह, पिता साहेब लाल सिंह; बैजू सिंह उर्फ़ दुर्गा सिंह, पिता धूप सिंह; बुल्लक सिंह, पिता मान सिंह; चुल्हन
सिंह, पिता बैद्यनाथ सिंह; छत्तर सिंह, पिता श्री त्रिलोक सिंह; खिजन सिंह, पिता
शंकर सिंह, ग्राम – सैदपुर और राजेश्वरी सिंह, पिता सरनाम सिंह, ग्राम लखाउर हुजरा
को कालापानी भेज दिया गया | जुर्माना में लखाउर की सारी जमीन निलाम कर दी गयी | लखाउर
वासी दोनों भाई बाल किशुन सिंह और मोती सिंह ने मीरगंज (वजीरगंज) में जाकर पनाह ले
लिया | मीरगंज में बबुआन लोग उन्हीं के वंशधर हैं | जगजीवन कॉलेज (गया) के » प्रोफेसर अशोक कुमार बाबु मोती सिंह के वंश परंपरा में सातवीं पीढ़ी पर
हैं | और इस तरह यहाँ के भूमिहार ब्राह्मणों ने इस लडाई में अपने जन, धन, जमीन की
आहुति दे दी |
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जिला गया – थाना वजीरगंज
1857 के संघर्ष में गया जिले में प्रमुख नाम बाबु खुशियाल सिंह (ग्राम – कढौना)
व टिकारी राज की रानी इन्द्रजीत कुंवर का आता है | बाबु खुशियाल सिंह मध्य बिहार
में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के एक क्षत्रप थे | उन्होंने गया जिले के पूर्वी भाग
में कम्पनी सरकार को समाप्त करने के लिये संघर्ष किया था | 4
अगस्त 1857 को वजीरगंज इलाके में उन्होंने कम्पनी सरकार को
खुली चुनौती दे डाली | 4 जनवरी 1858 को
सकरदास नवादा महल के 15 गाँव के किसान-मजदूरों ने वजीरगंज
में बाबु खुशियाल सिंह, झमन सिंह, कौशल सिंह (ठीकेदार) और
यमुना सिंह के नेतृत्व में हिन्दुस्तानी किसान राज्य की स्थापना की और बाबु
खुशियाल सिंह को राजा घोषित किया | वजीरगंज का नाम खुशियालपुर कर दिया गया | इस
विप्लव को दबाने के लिए 9 मार्च 1858
को खुशियाल सिंह के दर्जनों सहयोगियों को काले पानी की सजा दी गयी | उनके 29 सहयोगियों की साड़ी संपत्ति जप्त कर ली गयी, घर उजाड़ दीये गये तथा ग्राम
सहिया में फाँसीघर स्थापित कर यमुना सिंह एवं ललन सिंह को फांसी दी गयी | महावीर
सिंह, जुमली सिंह, रामदेव सिंह, विद्याधर पाण्डेय, चमन
पाण्डेय और चुल्हन सिंह (कोल्हाना) को पुरा गाँव में पीपल के पेड़ से लटकाकर फांसी दी
गयी |
रानी
इन्द्रजीत कुंवर (टिकारी राज), प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में विप्लवियों को आश्रय
देतीं थीं | इस वीरांगना का नैहर ग्राम – सेवतर, थाना अतरी में था |
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जिला जहानाबाद, थाना – अरवल
बाबु जीवधार सिंह, ग्राम
– खभैनी, जिला अरवल के रहने वाले थे, वह मध्य बिहार में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम
के एक क्षत्रप थे | 1857 की क्रांति के प्रारंभ होने
पर Grand Trunk Road सहित गया जिले के उत्तरी पच्छिमी भाग पर
उन्होंने कब्ज़ा कर लिया था, यह कब्ज़ा जून 1858 तक बना रहा | 4 जुलाई 1858 को अखलिया वीर को कासमा (थाना रफीगंज)
की लडाई में कैप्टन रैन्त्रे के हाथों भयंकर हार का मुंह देखना पड़ा |
☸ जिला जहानाबाद, थाना – जहानाबाद
राम सहाय सिंह, सिद्धि
सिंह उर्फ़ सिधारी सिंह उर्फ़ जागा सिंह (ग्राम – कल्पा) ने 1857 की क्रांति में यह तीनों बाबु जीवधार सिंह के पूर्ण सहयोगी थे | कल्पा के
लोगों के साथ अंग्रेजों के समर्थक गाँवों को लुटते और लोगों को प्रताड़ित करते थे |
14 अगस्त 1857 को जहानाबाद का दारोगा लोगों
को दबाने के लिये कल्पा गया | उसे लोगों ने बुरी तरह घायल कर दिया | पर एन.सी.
सिडनी ने पुरे गाँव को जलाकर खाक कर दिया |
आगे के भागों में 1858 से 1947 तक के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने
वालों कई महानायकों की चर्चा की जाएगी, कृपया आपके पास अगर कोई सम्बंधित जानकारी
हो तो कमेन्ट के माध्यम के जरुर हमें सूचित करें ||
संकलनकर्ता – #साकेत_बिहारी_शर्मा
What's app: +91 8860866078
