Friday, 14 February 2020

"इस्लामिक कट्टरपंथ के पीछे जिम्मेवार हैं वहाबी संगठन - साकेत बिहारी शर्मा"


वहाबी विचारधारा का भारतीय मुस्लिम जमात के बीच प्रचार प्रसार का जिम्मा इन्हीं संगठनों के पास है। आज चर्चा करते हैं उनमें से एक प्रमुख संगठन "जमात-ए-इस्लामी" हिंद की। जमात ए इस्लामी हिंद पाकिस्तान में जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी of J & K के नाम से जाना जाता है। तीनों अलग-अलग संगठन हैं लेकिन तीनों का लक्ष्य एक है, Quran और Sunna का प्रभुत्व कायम करना।


इन संगठनों का सबसे बड़ा लक्ष्य होता है, शिक्षण संस्थानों के जरिये कट्टरता का बीजारोपण। अपने विचारों को फैलाने के लिए जमात ई इस्लामी हिंद आज के तारीख में 548 libraries, 386 reading rooms, 240 study circles, 266 nursery schools, 344 part time "maketabs" or elementary schools, 36 Junior High Schools व 23 colleges संचालित कर रहे हैं। उसके अधीन एक केंद्रीय संस्थान भी रामपुर से संचालित हो रहा है। संगठन का 700 मस्जिदों पर नियंत्रण है जहां से हर जुमे की नमाज के बाद उसके नेता सभाओं को संबोधित करते हैं। जमात ने 491 किताबों का उर्दू में, 77 किताबों का हिंदी में और 78 किताबों का अंग्रेजी में प्रकाशन किया है जो कुरान और उससे संबंधित कट्टरपंथी विचारों का प्रचार प्रसार करता है। यह संगठन बहुत सारे समाचार पत्र और पत्रिकाएँ भी छापता है जो दिल्ली, रामपुर, कोलकाता, गुवाहाटी, अहमदाबाद, हैदराबाद, मैंगलोर, कैलीकट और मद्रास से प्रकाशित होते हैं। 

संगठन के पास खाड़ी के देशों से भी काफी धन आता है जिससे वह "शरीयत के सिद्धांत और विचारों" का प्रचार-प्रसार कर सकें।

http://jamaateislamihind.org/eng/

1 comment:

  1. आप ने किस आधार पर वहाबी को संगठन बना दिया ।

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